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Steps for availing Stand-Up India Scheme

  • This portal provides information to a potential borrower on various kinds of handholding support from different agencies and also provides a window to get in touch with Banks for availing loans
  • The Applicant first clicks to ‘Register’ and answers to a few short questions on the Registration Page of the portal.
  • Based on the response, the Applicant would be classified as a Trainee Borrower or Ready Borrower. Applicant would also be given feedback on his/her eligibility for Stand-Up India loan.
  • A trainee borrower / ready borrower may then choose to Register and Login through the portal.
  • Upon logging in to the portal, the borrower is taken to a Dashboard where Applicant is shown Lead District Managers (LDMs) and Stand-Up India Connect Centres to help him/her.
  • Borrower may choose to seek suitable hand-holding support and depending on the type of support needed, coordinate with the Help Centres.
  • Steps to seek hand-holding support :
    • Search for Help Centres (SUHCs) based on State and District (location) chosen during Registration.
    • Select hand-holding agencies
    • Send request through the portal or contact the SUHCs directly using details provided.
    • Applicant may also choose to contact the SUCCs/LDMs, to follow-up on his/her request.
    • Payments (if any) for all services availed by the Applicant from Stand-Up India Help Centers (SUHCs) is to be made directly to the agency concerned.
    • Applicant may change any chosen handholding agency, if required, after giving feedback on reasons for change.
    • Applicant may report completion of service and provide feedback.
    • Facility of uploading various documents like KYC documents, detailed project report etc. are available through the portal which would help the banks in appraisal of the proposal in accordance with their norms.
    • Choose banks to apply for the loan (option to choose upto 3 banks in order of preference is provided)
    • Application number is generated and intimated to the Applicant. The application is made available on the portal and the bank preferred as 1st choice is intimated as the applied Bank. The 2nd and 3rd choices of banks are also informed.
    • The information regarding loan application is also forwarded to the linked SUCCs and LDMs.
    • All banks participating in the portal can select the application for processing and feedback on these actions would be available to the Applicant and also to the linked SUCCs and LDMs. The feedback would contain the following information:
      • Bank and Branch name and status with date of the following:
        • Picked up for Processing
        • Sanctioned
        • Regretted
        • Disbursed
    • Loan may be sanctioned only if it conforms to the bank norms.
    • The Applicant may follow-up with the bank chosen directly [office] and may also be required to submit additional information / documents directly as required by the bank.
    • The Applicant may also follow-up regarding the application through the SUCCs and LDMs.
    • The SUCCs / LDMs may also monitor the applications and follow-up with the banks.

स्टैंड-अप इंडिया योजना का उपयोग करने हेतु विभिन्न चरण

  • यह पोर्टल भावी उधारकर्ताओं को विभिन्न एजेंसियों से विभिन्न प्रकार की प्रारंभिक (हंडहोल्डिंग) सहायता के संबंध में जानकारी देता है और साथ ही ऋण प्राप्त करने के लिए बैंकों से संपर्क करने का मार्ग (विंडो) भी उपलब्ध कराता है।
  • आवेदक पहले “पंजीकरण (रजिस्टर)” पर क्लिक करें और पोर्टल के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) पृष्ठ पर थोड़े से संक्षिप्त सवालों के जवाब दें।
  • उत्तरों के आधार पर आवेदक को प्रशिक्षु उधारकर्ता अथवा तैयार उधारकर्ता के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। आवेदक को स्टैंड-अप इंडिया ऋण के अंतर्गत उसकी पात्रता के विषय में भी प्रतिसूचना दी जाएगी।
  • तब प्रशिक्षु उधारकर्ता / तैयार उधारकर्ता पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण (रजिस्टर) और प्रवेश (लॉग-इन) कर सकता है।
  • पोर्टल में प्रवेश (लॉग-इन) करने पर आवेदक डैशबोर्ड पर पहुँचता है, जहाँ आवेदक को अग्रणी बैंक प्रबंधक (एलडीएम) तथा स्टैंड-अप संपर्क केंद्र (कनेक्ट सेंटर) दर्शाए जाते हैं, जो उसकी मदद के लिए हैं।
  • उधारकर्ता उपयुक्त आरंभिक सहयोग माँगने का विकल्प चुन सकते हैं और जिस प्रकार के सहयोग की जरूरत हो, उसके अनुसार सहायता केंद्र (हेल्प सेंटर) के साथ समन्वय कर सकते हैं।
  • आरंभिक सहयोग प्राप्त करने हेतु विभिन्न चरण :
    • पंजीकरण के दौरान चुने हुए राज्य और ज़िला (अवस्थिति) के आधार पर सहायता केंद्र (हेल्प सेंटर)(एसयूएचसी) की तलाश करें।
    • हैंडहोल्डिंग एजेंसी चुनें।
    • पोर्टल के माध्यम से अनुरोध भेजें अथवा वहाँ दिए गए विवरण का उपयोग करते हुए एसयूएचसी से सीधे संपर्क करें।
    • अपने अनुरोध पर अनुवर्तन के लिए आवेदक एसयूसीसी / एलडीएम से भी संपर्क कर सकता है।
    • स्टैंड-अप इंडिया सहायता केंद्र (हेल्प सेंटर) से प्राप्त की गई सभी सेवाओं के लिए भुगतान (यदि कोई हो) सीधे संबंधित एजेंसी को किया जाएगा।
    • यदि आवश्यकता हो, तो आवेदक चुनी हुई किसी भी हैंडहोल्डिंग एजेंसी को, बदलने के कारणों के बारे में प्रतिसूचना देते हुए, बदल सकता है।
    • सेवा पूर्ण होने पर आवेदक उसकी रिपोर्ट कर सकता है और प्रतिसूचना प्रदान कर सकता है।
    • केवाईसी दस्तावेज़, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट जैसे विभिन्न दस्तावेज़ों को पोर्टल के माध्यम से अपलोड करने की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे बैंकों को उन प्रस्तावों का अपने मानदंडों के अनुसार मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी।
    • ऋण के लिए आवेदन करने हेतु बैंक चुनें (अधिमानता के अनुसार 3 बैंकों तक चुनने का विकल्प प्रदान किया गया है)।
    • आवेदन संख्या उत्पन्न (जेनरेट) होती है और आवेदकों को सूचित किया जाता है। आवेदन पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाता है और पहली पसंद वाले बैंक को आवेदित बैंक के रूप में सूचित किया जाता है। दूसरी और तीसरी पसंद वाले बैंकों को भी सूचित किया जाता है।
    • ऋण आवेदन से संबंधित जानकारी संबंधित एसयूसीसी तथा एलडीएम को भी भेजी जाती है।
    • पोर्टल में सहभागिता करने वाले सभी बैंक आवेदन पर कार्रवाई (प्रोसेसिंग) के लिए उसे चुन सकते हैं और इन कार्रवाईयों पर प्रतिसूचना आवेदक तथा संबंधित एसयूसीसी तथा एलडीएम को उपलब्ध होगी। प्रतिसूचना में निम्नलिखित जानकारी होगी :
      • बैंक और शाखा का नाम तथा निम्नलिखित की तारीख सहित स्थिति:
        • कार्रवाई (प्रोसेसिंग) हेतु चयनित
        • मंजूर
        • अस्वीकृत
        • संवितरित
    • बैंकों के मानदंडों के अनुरूप पाए जाने पर ही ऋण मंजूर किया जा सकता है।
    • चुने हुए बैंक (कार्यालय) के साथ आवेदक सीधे अनुवर्तन कर सकता है और उससे यह भी अपेक्षित है कि वह बैंक की अपेक्षानुसार अतिरिक्त जानकारी / दस्तावेज प्रस्तुत करे।
    • आवेदक एसयूसीसी तथा एलडीएम के माध्यम से भी आवेदन के विषय में अनुवर्तन कर सकता है।
    • एसयूसीसी / एलडीएम भी आवेदनों की निगरानी कर सकते हैं और बैंकों के साथ अनुवर्तन कर सकते हैं।
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